📕 अध्याय 3: एक लंबा और शानदार इतिहास

What did the 'divine right of kings' mean?

सही उत्तर: The monarch's authority came directly from God

A Kings were chosen by Parliament
The monarch's authority came directly from God
C Kings had to obey the Church
D Kings were elected by the people

💡 स्पष्टीकरण

राजाओं के दैवीय अधिकार (divine right of kings) का मतलब था कि सम्राट का अधिकार सीधे भगवान से आता था।

मुख्य तथ्य

  • स्कॉटलैंड के जेम्स षष्ठम 1603 में इंग्लैंड के जेम्स प्रथम बने।
  • इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के ताज एकजुट हुए।
  • देश अपने स्वयं के संसदों के साथ अलग-अलग बने रहे।
  • किंग जेम्स बाइबिल 1611 में प्रकाशित हुई।
  • अंग्रेजी की सबसे प्रभावशाली पुस्तकों में से एक।
  • जेम्स राजाओं के दैवीय अधिकार में विश्वास करते थे।

यह उत्तर क्यों है

आधिकारिक Life in the UK अध्ययन सामग्री से — 3.3.6 जेम्स प्रथम और जेम्स षष्ठम:

जब एलिजाबेथ प्रथम (Elizabeth I) की 1603 में बिना किसी उत्तराधिकारी के मृत्यु हो गई, तो ताज स्कॉटलैंड के जेम्स षष्ठम (James VI) को मिला, जो मैरी, स्कॉट्स की रानी (Mary, Queen of Scots) के पुत्र थे। वह इंग्लैंड के जेम्स प्रथम (James I) बने, जिससे पहली बार इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के ताज एकजुट हुए। हालांकि, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड अपने स्वयं के संसदों (parliaments) और कानूनों के साथ अलग-अलग देश बने रहे।
जेम्स प्रथम (James I) ने बाइबिल (Bible) के एक नए अंग्रेजी अनुवाद का आदेश दिया, जिसे 1611 में प्रकाशित किया गया था। किंग जेम्स बाइबिल (King James Bible), जैसा कि यह ज्ञात हुआ, अंग्रेजी भाषा की सबसे प्रभावशाली पुस्तकों में से एक है और आज भी व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। जेम्स 'राजाओं के दैवीय अधिकार' (divine right of kings) में विश्वास करते थे — यह विचार कि सम्राट का अधिकार सीधे ईश्वर से आता है।

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यह प्रश्न यहाँ से है: 3.3.6 जेम्स प्रथम और जेम्स षष्ठम

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